
Medically Reviewed by Dr. Mannan Gupta On September 30, 2026
माता-पिता बनने की इच्छा रखना और एक नन्हे शिशु की किलकारी अपने घर में सुनना हर शादीशुदा जोड़े का सबसे बड़ा अरमान होता है। लेकिन जब गंभीर चिकित्सीय समस्याओं या बार-बार असफल इनफर्टिलिटी उपचारों के कारण यह सपना अधूरा रह जाता है, तो मानसिक और भावनात्मक आघात पहुंचना स्वाभाविक है। ऐसे समय में सरोगेसी आपके लिए एक नया सवेरा ला सकती है। हालांकि, अधिकांश जोड़े चिकित्सीय प्रक्रियाओं से ज्यादा इसके कानूनी नियमों को लेकर भयभीत रहते हैं।
इंटरनेट पर कानूनी बारीकियों को लेकर फैली भ्रामक जानकारियों के कारण अक्सर लोग यह समझ नहीं पाते कि प्रक्रिया की सही शुरुआत कहां से की जाए। कड़े सरकारी संशोधनों के बाद अब यह बेहद महत्वपूर्ण हो गया है कि आप पूरी यात्रा को कानून के दायरे में रहकर ही पूरा करें। जरा सी भी लापरवाही या अधूरी जानकारी आपके पूरे प्रयास को कानूनी संकट में डाल सकती है।
दिल्ली और एनसीआर के सबसे प्रतिष्ठित फर्टिलिटी केयर संस्थान, Delhi Surrogacy Centre – Best IVF & Surrogacy Clinic in Delhi में हम चिकित्सा उत्कृष्टता के साथ-साथ पूर्ण कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारे वरिष्ठ फर्टिलिटी विशेषज्ञ, Dr Mannan Gupta के नेतृत्व में हमारी टीम यह सुनिश्चित करती है कि माता-पिता बनने की आपकी यह यात्रा पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित हो। इस विस्तृत गाइड में आप सरल भाषा में जानेंगे कि बिना किसी अदालती या प्रशासनिक अड़चन के legal process of surrogacy in India, को सही तरीके से कैसे संपन्न किया जाता है।
भारत में सरोगेसी की पूरी रूपरेखा ‘सरोगेसी (रेगुलेशन) एक्ट 2021’ और उसके बाद समय-समय पर जारी की गई सरकारी अधिसूचनाओं के तहत संचालित होती है। वर्तमान नियमों के अनुसार, भारत में केवल ‘अल्ट्रुइस्टिक सरोगेसी’ (Altruistic Surrogacy) यानी परोपकारी सरोगेसी की अनुमति है। इसका सीधा अर्थ यह है कि सरोगेट मां को किसी भी प्रकार का व्यावसायिक लाभ या नकद मुआवजा नहीं दिया जा सकता। प्रक्रिया को कानूनी रूप से शुरू करने के लिए इच्छुक माता-पिता (Intended Parents) और सरोगेट मां दोनों को विशिष्ट पात्रता मापदंडों को पूरा करना होता है।
इस वैधानिक प्रक्रिया की शुरुआत उपयुक्त चिकित्सा दस्तावेजों और जिला मेडिकल बोर्ड (District Medical Board) के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने से होती है। बोर्ड आपके सभी पिछले इनफर्टिलिटी रिकॉर्ड्स, विवाह की अवधि और शारीरिक अक्षमताओं की गहन जांच करता है। इसके बाद ही बोर्ड सरोगेसी के पक्ष में आवश्यक प्रमाण पत्र जारी करता है। यदि आप इन चरणों को व्यवस्थित तरीके से पूरा करते हैं, तो भविष्य में बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र या नागरिकता से जुड़ी कोई भी कानूनी उलझन पैदा नहीं होती।
कानूनी रूप से सुरक्षित सरोगेसी सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित चरणों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। इन चरणों को पूरा किए बिना कोई भी आईवीएफ क्लिनिक भ्रूण प्रत्यारोपण की प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकता।
हमारा केंद्र आपको एक ही छत के नीचे बिना किसी प्रशासनिक अड़चन के संपूर्ण चिकित्सा और कानूनी समाधान प्रदान करता है। हम प्रत्येक चरण को साक्ष्य-आधारित सफलता (evidence-based success) के साथ जोड़कर आपकी यात्रा को सुगम बनाते हैं।
Experience world-class fertility care with Dr. Mannan Gupta at the Best IVF & Surrogacy Centre in Delhi
सरोगेसी एक लंबी और संवेदनशील यात्रा है, इसलिए एक ऐसे केंद्र का चुनाव करना आवश्यक है जो भौगोलिक और प्रशासनिक रूप से आपके अनुकूल हो। हमारा केंद्र दक्षिण दिल्ली के प्रमुख और सुलभ क्षेत्र, 29, Ring Rd, Block L, Lajpat Nagar IV, Lajpat Nagar, New Delhi, Delhi 110024 पर स्थित है।
Dr Mannan Gupta के व्यापक चिकित्सीय अनुभव और कड़े कानूनी नियमों के प्रति उनकी गहरी समझ के कारण हमारा केंद्र दिल्ली का सबसे भरोसेमंद संस्थान माना जाता है। हम “100% सफलता दर” जैसी किसी भी प्रकार की अवैधानिक या झूठी गारंटी का दावा नहीं करते; इसके बजाय हमारा पूरा ध्यान हर चिकित्सा चरण की शुद्धता (precision) और पारदर्शिता पर होता है।
हमारा केंद्र मूलचंद अस्पताल और लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन के बेहद नजदीक रिंग रोड पर स्थित है, जिससे नोएडा, गुड़गांव और फरीदाबाद से आने वाले कामकाजी जोड़ों (working couples) के लिए समय का प्रबंधन करना बेहद आसान हो जाता है। हमारी सबसे बड़ी यूएसपी हमारी पारदर्शी मूल्य निर्धारण नीति (transparent pricing) है, जहाँ कानूनी फीस, एआरटी बैंक चार्ज, और चिकित्सा व्यय का पूरा ब्यौरा पहले ही दिन लिखित में दे दिया जाता है।
भारत में सरोगेसी के नियम निश्चित रूप से सख्त हैं, लेकिन वे आपको परेशान करने के लिए नहीं बल्कि आपके परिवार और आने वाले शिशु के भविष्य को कानूनी रूप से सुरक्षित करने के लिए बनाए गए हैं। जब आप एक अनुभवी चिकित्सा टीम और कुशल कानूनी सलाहकारों के साथ आगे बढ़ते हैं, तो यह जटिल दिखने वाली प्रक्रिया बेहद सरल और सुखद हो जाती है। अपनी शंकाओं को अपने माता-पिता बनने के सपने के आड़े न आने दें।
यदि आप भी बिना किसी कानूनी अड़चन के legal process of surrogacy को शुरू करना चाहते हैं या अपनी व्यक्तिगत पात्रता की जांच कराना चाहते हैं, तो हमारी टीम हर कदम पर आपका साथ देने के लिए तैयार है।
हमारा पता: 29, Ring Rd, Block L, Lajpat Nagar IV, Lajpat Nagar, New Delhi, Delhi 110024
हेल्पलाइन नंबर: डॉ. मन्नान गुप्ता और हमारी फर्टिलिटी टीम के साथ अपनी गोपनीय अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए तुरंत क्लिक करें: +91 9711681986.
नहीं, वर्तमान सरोगेसी (रेगुलेशन) एक्ट के तहत केवल भारतीय नागरिकों (जो विवाहित जोड़े हैं) और विशेष परिस्थितियों में भारतीय मूल की विधवा या तलाकशुदा महिलाओं को ही भारत में सरोगेसी कराने की अनुमति है। विदेशी नागरिकों या अनिवासी भारतीयों (NRIs) के लिए वर्तमान में नियम बेहद सख्त हैं और उन्हें स्थानीय प्राधिकरणों से विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है।
यदि आपके सभी पिछले मेडिकल रिकॉर्ड्स, इनफर्टिलिटी सर्टिफिकेट्स और सरोगेट मां के दस्तावेज कानून के नियमों के अनुसार पूरी तरह सुव्यवस्थित हैं, तो हमारे इन-हाउस लीगल विंग की सहायता से जिला मेडिकल बोर्ड से ‘सर्टिफिकेट ऑफ एसेंशियलिटी’ प्राप्त करने की प्रशासनिक प्रक्रिया में आमतौर पर 4 से 6 सप्ताह का समय लगता है।
बिल्कुल नहीं। कानून के अनुसार, मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा जारी सरोगेसी आदेश और त्रिपक्षीय अनुबंध यह स्पष्ट करते हैं कि सरोगेट मां का बच्चे से कोई जेनेटिक या कानूनी संबंध नहीं है। जन्म लेने वाला शिशु कानूनी रूप से पहले ही क्षण से केवल अपने जैविक माता-पिता (Intended Parents) का होता है और जन्म प्रमाण पत्र पर भी उन्हीं का नाम आता है।
हाँ, सरकार द्वारा किए गए नवीनतम संशोधनों के अनुसार, यदि कोई विवाहित जोड़ा प्रमाणित चिकित्सीय कारणों से अपने खुद के अंडे या स्पर्म का उपयोग करने में असमर्थ है, तो वे डोनर गेमीट्स का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, यह अनिवार्य है कि पैदा होने वाले बच्चे का जेनेटिक लिंक माता या पिता में से किसी एक से अवश्य होना चाहिए।